Date :
2026-04-25 12:50:18
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प्रेस नोट भारतीय भ्रष्टाचार निवारण संस्था (एंटी करप्शन इंटेलिजेंस कमिटी) इंदौर, मध्य प्रदेश दिनांक: संपर्क: श्री मुकेश अग्रवाल, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट फोन: ईमेल: इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी अश्विन मेहता और उनकी कंपनियों पर कर चोरी, कैश लेनदेन, जीएसटी हेराफेरी एवं मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप – शासन को करोड़ों की राजस्व हानि! इंदौर : इंदौर के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी श्री अश्विन मेहता और उनकी कंपनियों—M/S SARTHAK VINAYAK REAL BUILT, SARTHAK REAL BUILD PVT. LTD. (प्रमोटर नंबर 1), M/S SHREE VINAYAK DEVELOPERS (प्रमोटर नंबर 2), SARTHAK BUILDERS AND DEVELOPERS, और M/S SARTHAK REAL BUILD PVT. LTD.—पर उनकी परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर कर चोरी, अवैध नकद लेनदेन, जीएसटी हेराफेरी, और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। भारतीय भ्रष्टाचार निवारण संस्था (एंटी करप्शन इंटेलिजेंस कमिटी) के संयोजक एवं आरटीआई एक्टिविस्ट श्री मुकेश अग्रवाल ने गहन जांच के बाद यह शिकायत दर्ज की है, जिसमें स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो और हस्तलिखित दस्तावेजों के रूप में ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं। शिकायत के अनुसार, इन कंपनियों द्वारा संचालित परियोजनाओं में संपत्ति (भूखंड, फ्लैट, दुकानें, ऑफिस आदि) का विक्रय करते समय पंजीयन (रजिस्ट्री) बाजार मूल्य के बजाय केवल शासन की गाइडलाइन दर पर करवाया जा रहा है। यह भारतीय स्टांप एक्ट, 1899 (मध्य प्रदेश स्टांप एक्ट के रूप में लागू) का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके अनुसार स्टांप ड्यूटी संपत्ति के बाजार मूल्य या सहमति मूल्य में से जो अधिक हो, उसी पर देय होती है। इस गैरकानूनी प्रक्रिया से शासन को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में करोड़ों रुपये की हानि हो रही है। इसके अतिरिक्त, संपत्ति सौदों में बड़े पैमाने पर नकद (कैश) लेनदेन किया जा रहा है, जो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269ST का उल्लंघन है। इस धारा के तहत, किसी एक लेनदेन या संबंधित लेनदेनों में 2 लाख रुपये से अधिक नकद प्राप्ति प्रतिबंधित है, और उल्लंघन पर प्राप्त राशि के 100% के बराबर जुर्माना लग सकता है। साथ ही, धारा 269SS के अनुसार, ऋण या जमा के रूप में 20,000 रुपये से अधिक नकद प्राप्ति निषिद्ध है। ये लेनदेन काले धन (ब्लैक मनी) को वैध बनाने का माध्यम बन रहे हैं, जो बेनामी संपत्ति लेनदेन (निषेध) अधिनियम, 1988 (2016 में संशोधित) की धारा 3 का उल्लंघन है। इस अधिनियम के तहत बेनामी लेनदेन पर 7 वर्ष तक की कैद, संपत्ति मूल्य के 25% तक जुर्माना, और संपत्ति जब्ती का प्रावधान है। शिकायत में जीएसटी चोरी के आरोप भी शामिल हैं। जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 74 के अनुसार, जानबूझकर कर चोरी (जैसे फर्जी इनवॉइस, कर न चुकाना, या गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम) पर चोरी गई राशि के 100% से 200% तक जुर्माना, ब्याज, और अभियोजन (जेल) का प्रावधान है। रियल एस्टेट में अंडर-कंस्ट्रक्शन संपत्तियों पर 5% (सस्ती आवास) या 12% जीएसटी लागू होता है, जिसका उल्लंघन गंभीर अपराध है। ये सभी कृत्य धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 का भी उल्लंघन करते हैं, जो अपराध से प्राप्त धन को वैध दिखाने को रोकता है। PMLA की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग पर 3 से 7 वर्ष की कैद और संपत्ति जब्ती का प्रावधान है। रियल एस्टेट क्षेत्र में ऐसे लेनदेन अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए उपयोग किए जाते हैं। श्री मुकेश अग्रवाल ने बताया कि इस शिकायत को आर्थिक अपराध शाखा (EOW), कमिश्नर वाणिज्यिक कर, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर मध्य प्रदेश, आयकर विभाग, पुलिस कमिश्नर इंदौर, और कलेक्टर इंदौर को भेजा गया है, जहां से कुछ विभागों द्वारा प्रारंभिक कार्यवाही शुरू हो चुकी है। हालांकि, कुछ विभागों की निष्क्रियता से असंतुष्ट होकर संस्था ने इन गंभीर आरोपों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया है। शिकायतकर्ता ने स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो प्रमाणित किए हैं, जिसमें इन कंपनियों के स्टाफ द्वारा पंजीयन में 'एक नंबर' (चेक) और 'दो नंबर' (कैश) का स्पष्ट उल्लेख है। साथ ही, हस्तलिखित दस्तावेज भी उपलब्ध हैं, जो इन आरोपों की पुष्टि करते हैं। श्री अग्रवाल का दावा है कि ऐसे कई वीडियो और प्रमाण मौजूद हैं, तथा यह कृत्य इन कंपनियों की सभी परियोजनाओं में प्रचलित है, जिससे शासन को करोड़ों की राजस्व हानि हो रही है। श्री मुकेश अग्रवाल ने कहा: "रियल एस्टेट क्षेत्र में भ्रष्टाचार, कर चोरी, और मनी लॉन्ड्रिंग न केवल शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी तोड़ रहे हैं। हम पारदर्शिता और कानून के शासन की मांग करते हैं। संबंधित विभागों से तत्काल कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा है, ताकि ऐसे भ्रष्ट कारोबारी बेनकाब हों।" संस्था नागरिकों से अपील करती है कि ऐसी अनियमितताओं की सूचना दें, ताकि इंदौर एक भ्रष्टाचार-मुक्त शहर बने। अधिक जानकारी के लिए संस्था से संपर्क करें। जय हिंद! जय भारत! श्री मुकेश अग्रवाल संयोजक, भारतीय भ्रष्टाचार निवारण संस्था इंदौर, मध्य प्रदेश
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